रायगढ़। कभी एक मां की गोद सूनी हो गई, तो कहीं पांच माह के मासूम की किलकारियां हमेशा के लिए खामोश हो गईं। घरघोड़ा थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात सर्पदंश की दो अलग-अलग घटनाओं ने तीन परिवारों की जिंदगी बदलकर रख दी। जहरीले सांप के डसने से 14 वर्षीय किशोर और मात्र 5 माह के मासूम की मौत हो गई, जबकि बच्चे का 25 वर्षीय पिता अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
पहली घटना ग्राम कुडुमकेला की है। 14 वर्षीय धीरज दास, पिता बिसाहू दास, रात का भोजन करने के बाद अपने पलंग पर सो गया था। परिवार को क्या पता था कि यह उसकी जिंदगी की आखिरी रात होगी। देर रात सांप ने उसे डस लिया। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और मुंह से झाग निकलने लगा। घबराए परिजन उसे तत्काल घरघोड़ा अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
दूसरी दर्दनाक घटना ग्राम चारमार में हुई। यहां मात्र 5 माह के मासूम नयांश धनवार की सर्पदंश से मौत हो गई। इस हादसे में बच्चे के पिता संजय धनवार (25 वर्ष) भी सांप के डसने का शिकार हो गए। उनका अस्पताल में उपचार जारी है और चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर है। एक ही परिवार पर टूटी इस दोहरी विपत्ति ने पूरे गांव को गहरे शोक में डुबो दिया है। दोनों घटनाओं की सूचना मिलने के बाद घरघोड़ा पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.आर. पैंकरा ने कहा कि बरसात के मौसम में सांप एवं अन्य विषैले जीव-जंतु अधिक सक्रिय हो जाते हैं। लोगों को जमीन पर सोने से बचना चाहिए, पलंग पर सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करना चाहिए तथा घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को सांप या अन्य विषैले जीव के काटने की आशंका हो, तो झाड़-फूंक या अंधविश्वास में समय गंवाने के बजाय तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचकर उपचार कराना चाहिए।
जनहित में हमारी अपील
सीजी आई 24 न्यूज़ अपने सभी पाठकों से विनम्र अपील करता है कि बरसात के मौसम में विशेष सावधानी बरतें। रात के समय टॉर्च का उपयोग करें, बच्चों को जमीन पर न सुलाएं, घर और आसपास झाड़-झंखाड़ तथा गंदगी न रहने दें। सर्पदंश होने पर किसी भी प्रकार के अंधविश्वास या झाड़-फूंक का सहारा न लें, बल्कि तुरंत निकटतम अस्पताल पहुंचें। आपकी सतर्कता किसी की अनमोल जिंदगी बचा सकती है।

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