बड़ा हादसा टला, वीडियो वायरल।
जुनेजा मेडिकल के सामने तेज रफ्तार एंबुलेंस ने लोहे के पोल को मारी टक्कर, गोद में बच्चे को लिए पिता बाल-बाल बचा; वायरल वीडियो में चालक के नशे में होने का दावा, कड़ी कार्रवाई की मांग
रायगढ़। एंबुलेंस का मतलब होता है—मुसीबत की घड़ी में जिंदगी बचाने वाली गाड़ी। लेकिन अगर इसी संवेदनशील वाहन की स्टेयरिंग नशे में चालक के हाथ में हो, तो सवाल सिर्फ एक दुर्घटना का नहीं, बल्कि सड़क पर चल रहे हर इंसान की सुरक्षा का है।
चक्रधर नगर थाना क्षेत्र के टीवी टावर-मेडिकल कॉलेज रोड पर जुनेजा मेडिकल स्टोर के सामने शनिवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच एक एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, तेज रफ्तार एंबुलेंस मेडिकल के सामने चबूतरे पर लगे लोहे के पोल से जा टकराई। हादसे के वक्त दवाई लेने पहुंचे एक पिता के साथ उसका छोटा बच्चा भी मौजूद था। गनीमत रही कि दोनों बाल-बाल बच गए।
वायरल वीडियो में नशे में ड्राइविंग का दावा...
घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने चालक से शराब पीकर वाहन चलाने को लेकर सवाल-जवाब किए। वायरल वीडियो में चालक के नशे में वाहन चलाने की बात स्वीकार करने का दावा किया जा रहा है।
चालक का नाम ईश्वर साहू उर्फ पप्पू/हनी सिंह तथा काशीराम चौक-सराईभद्दर क्षेत्र का निवासी होने की जानकारी सामने आई है। एंबुलेंस का नंबर CG 04 PA 7383 बताया जा रहा है। इनकी आधिकारिक पुष्टि होना शेष है।
गड्ढों वाली सड़क पर इतनी रफ्तार क्यों?
मेडिकल कॉलेज रोड की खराब स्थिति और गड्ढों के बावजूद एंबुलेंस की तेज रफ्तार ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गड्ढों वाले हिस्से को पार करने के बाद एंबुलेंस अचानक तेज गति से आगे बढ़ी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। संपूर्ण घटनाक्रम का लाइव वीडियो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है.
अगर पोल से टक्कर नहीं होती तो एंबुलेंस कहां जाकर रुकती? मेडिकल के सामने मौजूद लोगों की सुरक्षा का क्या होता? बड़ी अनहोनी टलने के बाद अब इन सवालों का जवाब जरूरी है।
एंबुलेंस है तो छूट नहीं, जिम्मेदारी ज्यादा है...
शराब पीकर वाहन चलाना गंभीर यातायात अपराध है। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत नशे की हालत में वाहन चलाने पर कार्रवाई का प्रावधान है। वहीं खतरनाक तरीके से वाहन चलाने पर धारा 184 के तहत भी कार्रवाई हो सकती है।
एंबुलेंस जैसे संवेदनशील वाहन के चालक की जिम्मेदारी सामान्य वाहन चालक से कहीं ज्यादा होती है। जिस वाहन से लोगों की जिंदगी बचाने की उम्मीद होती है, वही कथित नशे में सड़क पर आम आदमी के जान का दुश्मन बन जाए तो यह बेहद गंभीर मामला है।
शिकायत का इंतजार क्यों? पुलिस ले स्वतः संज्ञान
फिलहाल इस दुर्घटना को लेकर चक्रधर नगर थाने में किसी पक्ष द्वारा लिखित या मौखिक शिकायत दिए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। लेकिन वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल है और लोग चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सवाल सिर्फ FIR का नहीं, पुलिस की जिम्मेदारी का भी है। पुलिस-प्रशासन को वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर मामले की प्राथमिक जांच करनी चाहिए। चालक और वाहन की पुष्टि कर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मेडिकल जांच कराई जाए और यदि नशे में वाहन चलाने की पुष्टि होती है तो ड्रिंक एंड ड्राइव सहित खतरनाक ड्राइविंग के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह है कि वायरल वीडियो महज सोशल मीडिया की सनसनी बनकर रह जाता है या प्रशासन जांच कर सच सामने लाता है। क्योंकि एंबुलेंस की स्टेयरिंग पर नशे की पुष्टि होती है, तो यह सिर्फ यातायात नियमों की अनदेखी नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी के साथ बेहद गंभीर खिलवाड़ है।

टिप्पणियाँ (0)
अपनी टिप्पणी लिखें