रायगढ़ के घरघोड़ा थाने ने मोबाइल दुकान चोरी और बैंक लूट की साजिश में 5 संगठित अपराधियों को 4 माह में सजा दिलाई। थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू और अरविंद पटनायक की विवेचना।


रायगढ़/घरघोड़ा। नए आपराधिक कानूनों में त्वरित न्याय की परिकल्पना अब जमीनी स्तर पर दिखने लगी है। रायगढ़ जिले के घरघोड़ा थाने ने इसका बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। थाना पुलिस ने मोबाइल दुकान में चोरी से लेकर बैंक लूट की साजिश रचने वाले संगठित गिरोह के 5 आरोपियों को महज चार माह के भीतर सजा दिलाने में सफलता हासिल की है।


न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी घरघोड़ा दामोदर प्रसाद चंद्रा की अदालत ने सभी 5 आरोपियों को 2-2 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।


क्या है पूरा मामला?

घरघोड़ा थाना क्षेत्र में कुछ माह पूर्व एक मोबाइल दुकान में चोरी की वारदात हुई थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ये आरोपी यहीं नहीं रुके, बल्कि क्षेत्र के बैंकों में चोरी की बड़ी साजिश रच रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में टीम गठित की गई।


विवेचना बनी सजा का आधार

इस पूरे मामले में प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक की सटीक विवेचना और समय पर साक्ष्य संकलन महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ। पुलिस ने मजबूत चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में पेश की, जो सजा का आधार बनी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध के तहत कार्रवाई की थी।


वरिष्ठ अधिकारियों ने इस सफलता के लिए घरघोड़ा पुलिस टीम की सराहना की है। यह कार्रवाई दर्शाती है कि नए कानूनों के तहत समयबद्ध विवेचना से अपराधियों पर तेजी से शिकंजा कसा जा सकता है।


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