अंबिकापुर विशेष न्यायाधीश नारकोटिक्स ने दर्रीपारा के सूरज यादव को 99 Rexogesic और 79 Avil इंजेक्शन रखने पर 12 साल की सजा और 1 लाख जुर्माना सुनाया। 29 सितंबर 2025 को आबकारी उड़नदस्ता ने पकड़ा था।


अंबिकापुर/सरगुजा। नशीले इंजेक्शन की तस्करी करने वालों के लिए यह फैसला नजीर बनेगा। अंबिकापुर के विशेष न्यायाधीश नारकोटिक्स अतुल कुमार श्रीवास्तव ने दर्रीपारा निवासी सूरज यादव पिता गोपाल यादव को एनडीपीएस एक्ट के तहत 12 वर्ष के सश्रम कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न पटाने पर 6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।


मेडिकल कॉलेज के पास घेराबंदी कर पकड़ा था

घटना 29 सितंबर 2025 की रात की है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता को उड़नदस्ता कार्यालय में मुखबिर से सूचना मिली थी कि दर्रीपारा का सूरज यादव अपनी टीवीएस बाइक CG 15 CH 0906 से हर्राटिकरा पुलिया, मेडिकल कॉलेज के पास भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन की सप्लाई करने वाला है। सूचना पर उड़नदस्ता टीम ने घेराबंदी कर सूरज को पकड़ा। उसके पीठ पर टंगे पिट्ठू बैग की तलाशी में 99 नग REXOGESIC और 79 नग AVIL इंजेक्शन बरामद हुए। आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 22-C के तहत गिरफ्तार कर 30 सितंबर 2025 को जेल भेज दिया गया था। तब से उसे जमानत नहीं मिली थी।


कोर्ट ने कहा - NDPS में जमानत मुश्किल

सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि यह एक्ट बेहद सख्त है, इसमें जमानत मिलना मुश्किल और सजा लगभग तय होती है। उन्होंने कहा कि सजा से खुशी नहीं होती, लेकिन ऐसे नशे के सौदागर जो हजारों युवाओं को मौत का सामान बेच रहे हैं, उनके लिए यह सबक है।


इस केस में आरोपी की ओर से अधिवक्ता संजय अम्बष्ट ने पैरवी की, जबकि अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक नरेन्द्र पांडे ने दलीलें रखीं।