रायगढ़। कृष्ण जन्माष्टमी और जिले के प्रतिष्ठित 41वें चक्रधर समारोह के मद्देनजर रायगढ़ में प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। जन्माष्टमी पर मंदिरों, दही हांडी और शोभायात्राओं में संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था पर फोकस किया गया है, वहीं 14 से 23 सितंबर तक होने वाले चक्रधर समारोह के दौरान शहर में बढ़ने वाले यातायात दबाव से निपटने के लिए पार्किंग, रूट चार्ट, वैकल्पिक मार्ग और प्रवेश-निकासी व्यवस्था को लेकर कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई बैठक में प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने दोनों आयोजनों को लेकर संभावित चुनौतियों और आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में एडीएम अपूर्व प्रियेश टोप्पो, सहायक कलेक्टर गोकुल आर.के., सीएसपी मयंक मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
जन्माष्टमी पर मंदिरों से लेकर दही हांडी तक सुरक्षा का जिम्मा
आगामी 4 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर रायगढ़ शहर सहित जिले के नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन होंगे। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और दर्शन के साथ दही हांडी तथा शोभायात्राएं भी निकाली जाएंगी।
शहर के सुभाष चौक में दही हांडी आयोजन के अलावा गौरीशंकर मंदिर और अग्रोहा धाम में भी बड़े आयोजन प्रस्तावित हैं। इन स्थानों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए भीड़ नियंत्रण, यातायात संचालन और सुरक्षा के इंतजाम पहले से सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
आयोजन समितियों के साथ समन्वय पर जोर
बैठक में सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस को अपने-अपने क्षेत्रों में थाना एवं चौकी प्रभारियों के साथ आयोजन समितियों तथा शांति समितियों की बैठक करने के निर्देश दिए गए।
आयोजन स्थलों, शोभायात्रा के संभावित मार्ग, पार्किंग, भीड़ की स्थिति और यातायात व्यवस्था को लेकर स्थानीय स्तर पर पहले से तैयारी करने को कहा गया है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हों और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
चक्रधर समारोह में भीड़ बढ़ी तो शहर की यातायात व्यवस्था की होगी परीक्षा
14 से 23 सितंबर तक रामलीला मैदान में आयोजित होने वाले 41वें चक्रधर समारोह में देश-प्रदेश के नामचीन कलाकारों की प्रस्तुतियां होंगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन अभी से सक्रिय हो गया है।
बैठक में वाहनों के सुगम आवागमन के साथ पार्किंग स्थलों के चयन, वैकल्पिक मार्ग, प्रवेश और निकासी के अलग-अलग रास्तों तथा आवश्यकता पड़ने पर यातायात डायवर्जन की व्यवस्था पर चर्चा हुई। आयोजन के दौरान शहर के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ने की स्थिति से निपटने के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया।
संवेदनशील इलाकों में रहेगी विशेष निगरानी
दोनों आयोजनों के दौरान भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, यातायात नियंत्रण और पार्किंग व्यवस्था के साथ संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने की तैयारी है। प्रशासन, पुलिस और यातायात विभाग को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों को दोनों आयोजनों से संबंधित तैयारियां समय-सीमा में पूरी करने को कहा गया है, ताकि धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े इन आयोजनों की गरिमा बरकरार रहने के साथ आम नागरिकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा भी सुनिश्चित की जा सके।