रायगढ़। पूर्व विधायक चक्रधर सिंह सिदार के छोटे भाई व ग्राम पंचायत पाकरगांव के सचिव जयपाल सिंह सिदार की गुमशुदगी व ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का रायगढ़ पुलिस ने पर्दाफाश किया है। दरअसल, हत्या के एक प्रकरण में जेल में निरूद्ध शिव साहू इस जघन्य हत्याकाण्ड का मास्टर माइंड निकला।
शिव साहू ने ही पाकरगांव के ग्राम पंचायत के आवास मित्र शुभम गुप्ता को जयपाल सिदार की हत्या के लिए एक लाख रूपए की सुपारी दी थी। शुभम ने अपने दो साथियों कमलेश यादव व मदन गोपाल सिदार के साथ मिलकर बीते जून महीने में जयपाल की मर्डर के लिए योजना बनाई थी और तीनों ने मिलकर विगत 7 जुलाई को जयपाल का नृशंस कत्ल कर दिया। उसके बाद साक्ष्य नष्ट करने के मकसद से जयपाल की लाश सिसरिंगा घाटी में और उसके मोबाईल को मैनपाट के जंगल में फेंक दिया।
जयपाल की निर्मम हत्या के पीछे जो असल वजह सामने आई है, उसके मुताबिक शिव साहू को अपनी बीवी के साथ जयपाल के अफेयर की शंका थी और इसी वहम के चलते शिव साहू ने जयपाल का काम तमाम करने का पूरा ताना-बाना बुना।’’ जयपाल सिदार 7 जुलाई को अपनी स्विफ्ट डिजायर कार (क्रमांक सीजी 12 बीए 6453) से बच्चों को स्कूल छोडऩे के बाद लापता हो गए थे।
उनके परिजनों ने 8 जुलाई को थाना लैलूंगा में गुम इंसान क्रमांक 46/2025 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआती खोजबीन में जब कोई ठोस सुराग नहीं मिला तो पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएसपी अनिल विश्वकर्मा, साईबर सेल और थाना लैलूंगा की संयुक्त टीम गठित की।
एडिशनल एसपी आकाश मरकाम व एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी भी जांच में जुड़े। पुलिस ने जयपाल सिदार की मोबाईल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज व अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के साथ तफ्तीश तेज की। इस दौरान तीन युवकों शुभम गुप्ता, कमलेश यादव और मदन गोपाल सिदार की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं।
पूछताछ में आरोपी शुभम गुप्ता ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि रायगढ़ फटहामुड़ा निवासी शिव साहू ने, जो कि पहले से हत्या मामले में जेल में बंद है, 6 महीने पहले पेरोल पर आकर जयपाल सिदार से पुरानी रंजिश के चलते उसकी हत्या के लिए 1,00,000 की देने की बात कही थी। शुभम ने यह प्रस्ताव स्वीकार करते हुए जून माह में अपने दो साथियों के साथ हत्या की योजना बनाई और 3 जुलाई को शिव साहू से पुन: पेरोल पर लौटने पर जयपाल की हत्या की बात हुई और शिव से 10,000 उसी दिन लिया।
कोतबा जाने के बहाने बुलाया था जयपाल को
हत्या की योजना के तहत 7 जुलाई की सुबह जयपाल सिदार को कोतबा जाने के बहाने बुलाया गया। शुभम, कमलेश और मदन गोपाल उनके साथ उन्हीं की कार में सवार होकर जशपुर रोड की ओर निकले और रास्ते में गमछा से गला कसकर चलती कार में ही उनकी हत्या कर दी।
इसके बाद शव को कार में छिपाकर आरोपी कई स्थानों पर घूमे और फिर थाना धरमजयगढ़ क्षेत्र के सिसरिंगा घाटी में शव फेंक दिया। मोबाईल को मैनपाट के जंगल में फेंका गया और पकड़े जाने के डर से गाड़ी का नंबर प्लेट हटाकर लाखा (पूंजीपथरा) के पास सडक़ किनारे खड़ी कर आरोपी फरार हो गए। साक्ष्य मिटाने की नीयत से हत्या में प्रयुक्त गमछा को भी जला दिया गया